पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, सिलीगुड़ी में महाकाल मंदिर की जगह बनेगा योग केंद्र
पश्चिम बंगाल सरकार ने सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा-लक्ष्मी टाउनशिप क्षेत्र में पहले से प्रस्तावित महाकाल मंदिर की योजना को बदलते हुए वहां एक महाकाल योग केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने जानकारी दी है कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की प्राचीन योग परंपरा को पुनर्जीवित करना और इसे बढ़ावा देना है।

योग केंद्र में होगी भगवान शिव की प्रतिमा
योजना में बदलाव के बावजूद इस परिसर में भगवान शिव की मूर्ति स्थापित की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि योग और आदिदेव भगवान शिव के बीच गहरा संबंध है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। मूल रूप से इस 17.41 एकड़ भूमि को मंदिर के लिए आरक्षित किया गया था, लेकिन अब यहां योग केंद्र विकसित किया जाएगा।
नया आयुष विभाग करेगा कार्य का संचालन
यह पूरा मामला वर्तमान में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के विचाराधीन है, क्योंकि सरकार एक नए आयुष विभाग का गठन कर रही है। इस नए विभाग के दायरे में योग और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को लाया जाएगा। राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्तावित योग केंद्र केंद्रीय आयुष मंत्रालय के सहयोग से इस नए विभाग के अंतर्गत विकसित किया जा सकता है। भविष्य में इस स्थल पर आयुष मंत्रालय की एक शाखा खुलने की भी संभावना है, जिससे केंद्र सरकार से इस परियोजना के लिए वित्तीय सहायता मिल सकती है।
सार्वजनिक धन के उपयोग पर रुख
राज्य के मंत्री आनंदमय बर्मन ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी धार्मिक स्थल, जैसे मंदिर या मस्जिद के निर्माण के लिए सार्वजनिक धन का उपयोग नहीं कर सकती है। इसी वजह से प्रशासन ने उत्तर बंगाल में इस स्थान पर मंदिर निर्माण की पिछली योजना को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है।
