उत्तराखंड में मानसून की विदाई से पहले बदला मौसम का मिजाज, इन 8 जिलों में हल्की बारिश के आसार
उत्तराखंड में मानसून की विदाई से ठीक पहले मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में आने वाले कुछ दिनों के दौरान मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिल सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की उम्मीद जताई गई है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव आ सकता है।

पर्वतीय जिलों में बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 21 से 26 सितंबर के दौरान उत्तराखंड के आठ प्रमुख पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर गर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। जिन जिलों में बारिश के आसार जताए गए हैं, उनमें चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत शामिल हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में गर्जन के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए वहां आवाजाही करने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने और मौसम पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
मैदानी इलाकों में धूप और गर्मी का असर
पहाड़ी राज्यों के विपरीत प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल मौसम आमतौर पर शुष्क बना हुआ है। बीते कुछ दिनों से लगातार निकल रही चटक धूप के कारण मैदानी इलाकों में दिन के समय तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। उदाहरण के लिए, हाल ही में देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया गया, जिससे गर्मी का अहसास हुआ। हालांकि, न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास ही बना रहा। इसके बावजूद, मैदानी भागों में भी आगामी दिनों में कुछ स्थानों पर बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है, जिससे तापमान में बदलाव हो सकता है।

कब होगी मानसून की विदाई
उत्तराखंड में अब मानसून के जाने का समय भी नजदीक आ चुका है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश से मानसून की विदाई 25 से 30 सितंबर के बीच होने की संभावना है। हालांकि, मानसून की इस अंतिम विदाई से पहले पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का यह दौर देखने को मिल रहा है। इस वजह से अगले कुछ दिनों तक पहाड़ों में मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद कम ही है, और तापमान में भी लगातार फेरबदल जारी रहेगा। पहाड़ी इलाकों में जहां मौसम सुहावना बना हुआ है, वहीं मैदानी हिस्सों में धूप और बादलों की आंख-मिचौली के बीच लोगों को मिला-जुला मौसम देखने को मिल रहा है।
