कोलकाता में जेपी नड्डा के काफिले पर 2020 के हमले में दो तृणमूल नेता गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के पास वर्ष 2020 में भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना के करीब छह साल बीत जाने के बाद पुलिस ने दो तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार इस मामले की जांच में तेजी लाई गई है और गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं।

दक्षिण 24 परगना से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है उनकी पहचान रिपन शेख और संजीव मंडल के रूप में हुई है। दोनों को दक्षिण 24 परगना जिले के मोगराहाट पश्चिम क्षेत्र से हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ये दोनों स्थानीय स्तर पर तृणमूल नेता के तौर पर पहचाने जाते हैं और पुलिस का कहना है कि नड्डा के काफिले पर हुए हमले में इनकी संलिप्तता रही है। गिरफ्तारी के दौरान इनके कब्जे से आग्नेयास्त्र भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
वर्ष 2020 की घटना और पुरानी जांच
यह पूरा मामला साल 2020 का है जब दक्षिण 24 परगना के शिराकोल के निकट एक राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे जेपी नड्डा के काफिले पर हमला किया गया था। उस समय उनके साथ प्रदेश भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप घोष और नेता सुकांत मजूमदार भी मौजूद थे। घटना के वक्त हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे और बाद में नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले की शुरुआती प्राथमिकी में अन्य नाम भी दर्ज थे। हालांकि जांच की गति धीमी रहने के कारण लंबे समय तक ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाई थी। बाद में विधानसभा चुनावों के बाद एक अन्य आरोपी जहांगीर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस पुराने मामले की फाइलों को दोबारा खंगालना शुरू किया। इसी सिलसिलेवार जांच के आधार पर अब रिपन शेख और संजीव मंडल तक पुलिस पहुंची है।
अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी
स्थानीय स्तर पर इन दोनों आरोपियों पर बाइक दस्तों के माध्यम से प्रभाव जमाने और असामाजिक गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप भी लगते रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद किए गए हथियार उन्हें कहां से मिले थे और हमले की साजिश में उनकी व्यक्तिगत तौर पर क्या भूमिका थी। इसके अलावा इस पुरानी घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी गहराई से छानबीन की जा रही है।
