चेन्नई में अन्ना यूनिवर्सिटी के छात्र की स्क्रब टाइफस से मौत, स्वास्थ्य विभाग ने किया डेंगू से इनकार
चेन्नई में अन्ना यूनिवर्सिटी के 20 वर्षीय छात्र हरीश कुमार की एक सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्र की जान डेंगू की वजह से नहीं, बल्कि स्क्रब टाइफस संक्रमण के कारण गई है।

अस्पताल में चल रहा था इलाज
मृतक छात्र हरीश कुमार पिछले चार दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। उसे 17 सितंबर को ग्विंडी स्थित कलैग्नार शताब्दी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ले जाया गया था, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए किलपॉक गवर्नमेंट हॉस्पिटल में रेफर किया गया। अस्पताल के प्रशासन के अनुसार, छात्र को गंभीर फेफड़े के संक्रमण के साथ आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार को उसकी मृत्यु हो गई।
डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की सफाई
छात्र की मौत के बाद ऐसी खबरें सामने आई थीं कि उसकी जान डेंगू के कारण गई है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में चिंता फैल गई थी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन ने इन खबरों का खंडन करते हुए बताया कि जांच में छात्र की रिपोर्ट स्क्रब टाइफस के लिए पॉजिटिव आई थी। इस बीच, यूनिवर्सिटी के एक अन्य छात्र को डेंगू होने की पुष्टि हुई है, जिसका इलाज राजीव गांधी गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल में चल रहा है।
विश्वविद्यालय परिसर में स्वास्थ्य कदम
इस घटना के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की जांच की। अन्ना यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार कुमारेसन ने जानकारी दी कि परिसर में छात्रों के लिए एक फीवर कैंप का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि परिसर में डेंगू का कोई अन्य मामला सामने नहीं आया है और पूरा कैंपस साफ-सुथरा है तथा कहीं भी पानी नहीं भरा हुआ है।
राज्य में बढ़ रहे हैं मामले
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब तमिलनाडु भर में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 18 सितंबर तक राज्य में कुल 16,830 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि बुखार, सर्दी और खांसी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
