पश्चिम बंगाल उपचुनाव: ममता बनर्जी को एक और झटका, रेजीनगर उम्मीदवार ने भी नाम लिया वापस
पश्चिम बंगाल में आगामी उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को एक और बड़ा झटका लगा है। मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार रबीुल आलम चौधरी ने अपना नाम वापस लेने की घोषणा कर दी है।

इससे एक दिन पहले नंदीग्राम सीट से उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने भी अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी। रबीुल आलम चौधरी ने बेरहमपुर प्रशासनिक भवन जाकर औपचारिक रूप से अपना नाम वापस लेने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जुटाना बेहद कठिन हो रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि वफादार कार्यकर्ताओं पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
चुनाव आयोग के फैसले और नए चुनाव चिन्ह का असर
रबीुल ने यह भी बताया कि चुनाव आयोग द्वारा पार्टी के मूल नाम और ‘ट्विन फ्लावर्स’ (दो फूल) चुनाव चिन्ह को फ्रीज किए जाने के कारण कम समय में नए नाम और नए चुनाव चिन्ह के साथ समर्थन जुटाना बहुत मुश्किल हो गया था। ममता गुट को अब ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया था।
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस पूरे मामले पर पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से चर्चा कर ली है और शीर्ष नेतृत्व की पूरी जानकारी के साथ ही उन्होंने यह कदम उठाया है। रबीुल का नाम 13 सितंबर को रेजीनगर के लिए घोषित किया गया था और उन्होंने 16 सितंबर को अपना नामांकन दाखिल किया था।
विपक्षी गुट और आंतरिक उठापटक
नामांकन प्रक्रिया के दौरान ही रबीुल के अलावा रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले असंतुष्ट तृणमूल गुट की तरफ से भी सफियुज्जमान शेख (हबीब मास्टर) ने पर्चा दाखिल कर दिया था, जिससे एक ही निर्वाचन क्षेत्र में दो प्रतिद्वंद्वी गुट आमने-सामने आ गए थे। आयोग ने आदेश देकर दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और प्रतीक चिन्ह दिए थे, जिसके बाद राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई थी।
