पुरोला में अनियमित बिजली कटौती से परेशान व्यापारियों का प्रदर्शन, प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद बनी सहमति
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के अंतर्गत पुरोला नगर क्षेत्र में लगातार हो रही अनियमित बिजली आपूर्ति से परेशान व्यापारियों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर उतर आया। व्यापार मंडल के आह्वान पर स्थानीय दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर मुख्य चौराहे पर बैठकर करीब एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ढोल-नगाड़े बजाते हुए संबंधित विभाग के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।

एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद थमा प्रदर्शन
आंदोलन की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मुकेश चंद रमोला ने घटनास्थल पर पहुंचकर व्यापारियों की समस्याएं सुनीं। एसडीएम ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद व्यापारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
बैठक में इन अहम बिंदुओं पर बनी सहमति
धरना समाप्त होने के बाद एसडीएम कार्यालय में व्यापार मंडल और विद्युत विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आपसी सहमति बनी:

- निर्धारित शटडाउन: आरडीएसएस योजना के तहत होने वाले कार्यों के लिए अब नगर क्षेत्र में हफ्ते में दो दिन यानी शुक्रवार और रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक का समय तय किया गया है।
- मैनुअल रसीद की व्यवस्था: कैश काउंटर पर ऑनलाइन रसीद न मिलने पर संबंधित कैशियर को मैनुअल रसीद के जरिए बिजली बिल जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- 24 घंटे उपलब्ध नंबर: उपभोक्ताओं की शिकायतों और बिजली आपूर्ति की जानकारी के लिए एक विभागीय मोबाइल नंबर (9927106349) सार्वजनिक किया गया है, जो चौबीस घंटे चालू रहेगा।
- नुकसान की भरपाई: शॉर्ट सर्किट की वजह से हाल ही में उपभोक्ताओं को हुए नुकसान की भरपाई संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा किए जाने पर सहमति जताई गई है।
व्यापार मंडल ने उम्मीद जताई है कि प्रशासनिक अधिकारियों और विभाग के बीच तय हुई इन बातों का कड़ाई से पालन होगा जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो व्यापारी दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।
