Uttarakhand Weather Alert: 23 जनवरी को बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट, आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट
Orange Alert for Rain and Snowfall in Uttarakhand on January 23 | Disaster Management
मौसम बदलेगा करवट, 23 जनवरी को बारिश व बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट
मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट, जनपदों को दिए गए कड़े दिशा-निर्देश
देहरादून।
मौसम विभाग द्वारा 23 जनवरी को उत्तराखंड के कई जनपदों में बारिश, बर्फबारी, पाला एवं शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, अल्मोड़ा एवं नैनीताल जनपदों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। संभावित प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने एहतियाती तैयारियां तेज कर दी हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बुधवार को सभी संबंधित जनपदों के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में संभावित बारिश, बर्फबारी, पाला व शीतलहर से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने हेतु जनपदों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सचिव सुमन ने सभी जनपदों को निर्देशित किया कि खराब मौसम की संभावना के दौरान अधिकतम सतर्कता बरती जाए तथा सभी कार्यदायी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, पेयजल, पशुपालन एवं नगर निकाय विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि संवेदनशील, दूरस्थ एवं उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को समय रहते नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने तथा एंबुलेंस सेवाओं को पूर्ण रूप से सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।
बर्फबारी के कारण मार्ग अवरुद्ध होने की संभावनाओं को देखते हुए सचिव ने संवेदनशील एवं उच्च हिमालयी मार्गों पर जेसीबी, स्नो कटर एवं अन्य आवश्यक मशीनरी की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
फिसलन व दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए पाला प्रभावित क्षेत्रों में नमक एवं चूने के छिड़काव के निर्देश दिए गए। साथ ही संवेदनशील सड़कों, पुलों एवं पैदल मार्गों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर यातायात को नियंत्रित या अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करने के निर्देश भी दिए गए।
ठंड से बचाव हेतु सचिव सुमन ने सार्वजनिक स्थलों एवं जरूरतमंद क्षेत्रों में अलाव की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों एवं अत्यधिक ठंड प्रभावित इलाकों में स्थित रैन बसेरों में बिजली, पेयजल, पर्याप्त बिस्तर, हीटर तथा पानी गर्म करने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए, जिससे कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण असुरक्षित न रहे।
पशुधन की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए सचिव ने निर्देश दिए कि पशुओं को ठंड, बर्फबारी एवं पाले से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं। इसके अंतर्गत पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय, चारे एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालकों को किसी प्रकार की समस्या न हो।
इसके साथ ही उन्होंने जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को समय पर कंबल वितरण सुनिश्चित करने तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। सचिव ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को दी जाए तथा सभी जनपदों में नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय रखे जाएं।
बैठक में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएसडीएमए के विशेषज्ञ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
