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आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' जरूरी, अमेरिकी विदेश मंत्री से बोले एस. जयशंकर

आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ जरूरी, अमेरिकी विदेश मंत्री से बोले एस. जयशंकर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ बातचीत के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का कड़ा रुख साफ शब्दों में रखा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने अंतरराष्ट्रीय साझीदारों से आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ यानी शून्य सहनशीलता की पूरी अपेक्षा रखता है। यह बात मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आई।

आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' जरूरी, अमेरिकी विदेश मंत्री से बोले एस. जयशंकर

मुंबई में आतंकवाद पीड़ितों को दी गई श्रद्धांजलि

दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक से पहले मार्को रूबियो और एस. जयशंकर ने ताज होटल स्थित स्मारक पर पहुंचकर मुंबई आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान आतंकवाद के विरुद्ध मिलकर खड़े होने और साझा संकल्प का स्पष्ट संदेश दिया गया।

द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग पर चर्चा

आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश देने के साथ-साथ दोनों नेताओं की बैठक बेहद सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय घटनाक्रमों और वैश्विक परिस्थितियों पर भी दोनों पक्षों ने अपने विचार साझा किए।

भारत-अमेरिका साझेदारी का बढ़ता दायरा

कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच की साझेदारी को इक्कीसवीं सदी की दिशा निर्धारित करने वाला एक अहम रिश्ता बताया। उन्होंने एक सुरक्षित तथा मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र और खुले व्यापार की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, विदेश मंत्री जयशंकर ने रेखांकित किया कि वैश्विक व्यवस्था बदलाव के दौर से गुजर रही है और पिछले कुछ दशकों में रक्षा, ऊर्जा और नागरिक उड्डयन जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा काफी बढ़ा है।