मेघालय में राजनीतिक समीकरण बदले: यूडीपी के तीन और विधायक एनपीपी में हो सकते हैं शामिल
मेघालय की राजनीति में जल्द ही एक और बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है, जिससे सत्ताधारी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) की स्थिति और मजबूत होगी। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के बचे हुए चार में से तीन विधायक एनपीपी में शामिल होने की तैयारी में हैं। इस संभावित राजनीतिक घटनाक्रम के बाद 60 सदस्यीय विधानसभा में एनपीपी विधायकों की संख्या बढ़कर 36 हो जाएगी।

यूडीपी की ताकत में आएगी भारी कमी
यूडीपी नेता पाल लिंगदोह ने इस बात के संकेत दिए हैं कि पार्टी के तीन विधायक मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली एनपीपी का हिस्सा बन जाएंगे। इन नेताओं के पाલા बदलने के बाद राज्य विधानसभा में यूडीपी के पास केवल एक ही विधायक शेष रह जाएगा, जो कि पार्टी अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह होंगे।
हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और भाजपा का विलय
यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब हाल ही में मेघालय विधानसभा अध्यक्ष ने यूडीपी के आठ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी है। इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना 16 अक्टूबर को जारी की गई थी।
अध्यक्ष की मान्यता के बाद विधानसभा में यूडीपी के विधायकों की संख्या 12 से गिरकर केवल चार रह गई थी, जबकि भाजपा के विधायकों की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई थी। यूडीपी के जिन आठ विधायकों ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली थी, उनमें लखमेन रिम्बुई, पायस मारवेन, किरमेन श्यल्ला, मायरालबार्न सिएम, मैथ्यू बियान्डस्टार कुर्बाह, ओलन सिंह सुइन, बालाजीद कुपर सिनरेम और सिनशर कुपर राय लिंगदोह थाबाह शामिल थे। अब एक बार फिर यूडीपी के खेमे में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
