नौकरी के इंटरव्यू और एप्लीकेशन में एआई जैसी भाषा के इस्तेमाल से कैसे बचें
नौकरी के लिए आवेदन करते समय कई उम्मीदवार अपने सीवी या कवर लेटर को तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सहारा लेते हैं। हालांकि, एचआर प्रोफेशनल्स और रिक्रूटर्स अब आसानी से यह पहचान लेते हैं कि कौन सा आवेदन इंसानों द्वारा लिखा गया है और कौन सा एआई की मदद से तैयार किया गया है।

एआई-जनरेटेड आवेदनों की पहचान क्यों हो जाती है?
शोध और विश्लेषण से यह सामने आया है कि एआई से तैयार किए गए लेखन में कुछ खास तरह के पैटर्न या भाषाई संकेत होते हैं, जिन्हें ‘टेल्स’ कहा जाता है। ये ऐसे छोटे संकेत होते हैं जो बताते हैं कि कंटेंट किस तरह से उत्पन्न किया गया है। जब कोई आवेदक सामान्य बोलचाल की भाषा के विपरीत कॉर्पोरेट शब्दावली या विशेष वाक्यांशों का अत्यधिक उपयोग करता है, तो संदेह पैदा होने लगता है।

एचआर प्रोफेशनल्स किन पांच बातों को परखते हैं?
- जेनरिक भाषा: आवेदन ऐसा लग सकता है कि इसे किसी के भी द्वारा लिखा गया हो, जिसमें कोई व्यक्तिगत पहचान या मौलिकता नहीं झलकती।
- ठोस सबूतों का अभाव: आवेदक खुद को इनोवेटिव या रिजल्ट-ड्रिवन तो बताते हैं, लेकिन अपनी किसी खास उपलब्धि या उदाहरण का जिक्र नहीं करते।
- अतिरिक्त पॉलिश वाली शैली: पैराग्राफ एक निश्चित पैटर्न पर चलते हैं और वे किसी टेम्पलेट की तरह प्रतीत होते हैं।
- जॉब डिस्क्रिप्शन से अति-समानता: विज्ञापन में दिए गए की-वर्ड्स को बार-बार दोहराया जाता है, लेकिन वास्तविक अनुभव से उसका मेल नहीं दिखाया जाता।
- लेखन शैली में भिन्नता: कवर लेटर की भाषा और सीवी या अन्य पत्राचार की शैली में जमीन-आसमान का अंतर होना शक पैदा करता है।
मौलिकता को दें प्राथमिकता
एचआर प्रोफेशनल्स का मानना है कि इंटरव्यूअर को प्रभावित करने के लिए कृत्रिम या रटे-रटाए जवाब लिखने से बचना चाहिए। इसके बजाय, अपने अनुभवों को अपने शब्दों में बयान करें और उनके साथ पुख्ता व ठोस उदाहरण साझा करें। मौलिक जवाब भले ही पूरी तरह से परफेक्ट न लगें, लेकिन वे आपकी वास्तविक क्षमताओं और व्यक्तित्व को बेहतर ढंग से दर्शाते हैं।
