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दिल्ली में निजी जमीन पर स्कूल खोलना हुआ आसान, नियमों में किए गए बड़े बदलाव

दिल्ली में निजी जमीन पर स्कूल खोलना हुआ आसान, नियमों में किए गए बड़े बदलाव

दिल्ली में निजी जमीन पर स्कूल खोलने की योजना बना रहे संस्थानों को बड़ी प्रशासनिक राहत दी गई है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली स्कूल शिक्षा नियमों में संशोधन करते हुए निजी भूमि पर स्कूल स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। इस बदलाव के बाद अब संस्थानों को अपनी जमीन पर विद्यालय शुरू करने के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र यानी एसेंशियलिटी सर्टिफिकेट प्राप्त करने की अनिवार्यता से छूट मिल गई है।

दिल्ली में निजी जमीन पर स्कूल खोलना हुआ आसान, नियमों में किए गए बड़े बदलाव

लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं से मिली मुक्ति

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशिष सूद के अनुसार, पहले निजी स्कूल खोलने के लिए संस्थानों को कई तरह की जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। पूर्व नियमों के तहत सरकार को यह जांचना होता था कि संबंधित क्षेत्र में नए स्कूल की वास्तविक आवश्यकता है या नहीं और उस इलाके में पहले से कितने शिक्षण संस्थान चल रहे हैं। इस लंबी प्रक्रिया के कारण भूमि उपलब्ध होने के बावजूद स्कूल शुरू करने में काफी देरी होती थी और संस्थाओं को अतिरिक्त कागजी औपचारिकताओं का सामना करना पड़ता था।

अधिसूचना जारी और कानूनी प्रक्रिया पूरी

सरकार ने इस नीतिगत बदलाव के तहत पहले एक मसौदा संशोधन जारी किया था जिस पर जनता और अन्य हितधारकों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। निर्धारित समयावधि में इस पर कोई आपत्ति या सुझाव प्राप्त नहीं हुआ जिसके बाद कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करके आधिकारिक राजपत्र में इसे अधिसूचित कर दिया गया। संशोधित नियमों के तहत जमीन की श्रेणियों के आधार पर अलग-अलग प्रावधान तय किए गए हैं।

विभिन्न प्रकार की जमीनों के लिए अलग नियम

  • निजी स्वामित्व वाली भूमि: यदि कोई संस्थान अपनी खुद की निजी जमीन पर स्कूल बनाना चाहता है, तो उस पर सार्वजनिक हित का आकलन लागू नहीं होगा और इसके शुरुआती चरण में पूर्व अनुमति की आवश्यकता को हटा दिया गया है।
  • सरकारी या रियायती भूमि: जिन मामलों में जमीन सरकार या किसी निकाय से रियायती दर पर या नीलामी के माध्यम से प्राप्त की गई है, वहां संबंधित प्राधिकरण यह जांच जारी रखेंगे कि प्रस्तावित स्कूल की स्थापना सार्वजनिक हित में है या नहीं।

शैक्षणिक विस्तार को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इस संशोधन से निजी निवेशकों और शैक्षणिक ट्रस्टों को दिल्ली में नए स्कूल स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। कम कागजी कार्रवाई और अनावश्यक मंजूरियों के हटने से तय मानकों के तहत शिक्षण संस्थानों का विस्तार तेजी से हो सकेगा। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस ढील का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता करना नहीं, बल्कि संस्थाओं के विस्तार में आने वाली प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना है।