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वाराणसी में भव्य राम बारात और विभिन्न सांस्कृतिक रामलीला प्रसंगों का आयोजन

वाराणसी में भव्य राम बारात और विभिन्न सांस्कृतिक रामलीला प्रसंगों का आयोजन

उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े आयोजनों की श्रृंखला में विभिन्न स्थानों पर रामलीला के प्रसंगों का सजीव मंचन किया जा रहा है। इसी कड़ी में शिवपुर की अति प्राचीन रामलीला के अंतर्गत शुक्रवार की रात को भव्य श्रीराम बारात महोत्सव का आयोजन किया गया। इस धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव में स्थानीय नागरिकों और दर्शनार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिला।

वाराणसी में भव्य राम बारात और विभिन्न सांस्कृतिक रामलीला प्रसंगों का आयोजन

शिवपुर में निकला श्रीराम बारात का भव्य जुलूस

शिवपुर क्षेत्र में आयोजित श्रीराम बारात महोत्सव के दौरान भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न फूलों से सुसज्जित सुंदर रथों पर सवार होकर निकले। इस शोभायात्रा में पारंपरिक बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े, हाथी और घोड़े शामिल रहे। इसके साथ ही आकर्षक विद्युत झालरों से सजी झांकियां इस बारात का मुख्य आकर्षण रहीं। राम बारात जब शिवपुर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, तो मार्ग में जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर आरती उतारी और आतिशबाजी भी की गई।

इस आयोजन के दौरान रामलीला मंच को जनकपुरी के रूप में भव्य रूप से सजाया गया था। वहां पहुंचने पर बारातियों का पारंपरिक विधि-विधान से स्वागत किया गया। मिथिला की परंपरा और रीति-रिवाजों के अनुसार श्रीराम और माता सीता का विवाह संपन्न कराया गया। इस दौरान आयोजित जयमाला, कन्यादान और सिंदूरदान के दृश्यों को देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गए। विवाह के पश्चात विदाई की झांकी निकाली गई और अंत में शयन झांकी के साथ इस पावन लीला को विश्राम दिया गया।

भोजूबीर और अन्य क्षेत्रों में भक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

वाराणसी के अन्य हिस्सों में भी रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है। भोजूबीर की रामलीला में शुक्रवार को अष्टसखी संवाद, मीना बाजार और फुलवारी की लीला का आयोजन किया गया। कलाकारों ने अपने सधे हुए अभिनय और संवादों के माध्यम से रामलीला के इन प्रसंगों को पूरी तरह जीवंत कर दिया। अष्टसखी संवाद के दौरान कलाकारों के प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों का विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया, जबकि फुलवारी प्रसंग से जुड़े दृश्य रामलीला प्रेमियों को आनंदित करते रहे।

शहर के विभिन्न स्थानों पर रामलीला के अंतर्गत अलग-अलग तिथियों और प्रसंगों के अनुसार कथाएं प्रस्तुत की जा रही हैं। इनमें रामनगर और जाल्हूपुर में वन गमन, निषाद मिलन एवं लक्ष्मण कृत गीता का उपदेश जैसे प्रसंग शामिल हैं। इसके अलावा शिवपुर में दशरथ सभा एवं कोप भवन, भोजूबीर में धनुष यज्ञ, रावण-बाणासुर संवाद और परशुराम-लक्ष्मण संवाद की प्रस्तुतियां तय की गई हैं। वहीं औरंगाबाद तथा काशीपुरी में ताड़का वध, मारीच उड़ान, अहिल्या उद्धार, गंगा दर्शन और मिथिला प्रवेश जैसे प्रसंगों का मंचन हो रहा है, जबकि लोहता क्षेत्र में क्षीर सागर की झांकी, आकाशवाणी, नारद मोह और रावण जन्म के प्रसंगों का आयोजन किया जा रहा है।