दिल्ली पुलिस ने व्यापारियों से करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपी को मुंबई से दबोचा
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने फर्जी सरकारी पत्रों और दस्तावेजों के जरिए कारोबारियों के साथ बड़ी धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी को मुंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन से पकड़ा गया, जिसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया।

फर्जी दस्तावेजों से दिया ठगी को अंजाम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने सरकारी विभागों के नाम पर जाली अनुमति पत्र, ट्रेजरी दस्तावेज और भुगतान रिकॉर्ड तैयार किए थे। इन फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से लगभग 18 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के हेरफेर और सरकारी कोष के फर्जीवाड़े का प्रयास किया गया था। संबंधित विभागों से जांच कराने पर ये सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए, हालांकि सतर्कता के चलते कोई सरकारी राशि जारी नहीं हो सकी थी।
अहमदाबाद और अन्य मामलों में भी संलिप्तता
आरंभिक जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने रक्षा मंत्रालय और सेना से जुड़े फर्जी आपूर्ति आदेश दिखाकर व्यापारियों, बैंकों और निजी फाइनेंसरों को अपने झांसे में लिया था। इसके अलावा, अहमदाबाद के एक निवासी की शिकायत पर भी उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय और डाक विभाग जैसे विभिन्न संस्थानों के झूठे आदेश और रसीदें दिखाकर उससे करोड़ों रुपये की ठगी की गई।
तकनीकी निगरानी के बाद हुई गिरफ्तारी
बार-बार नोटिस मिलने और गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद जांच में शामिल न होने पर पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी थी। तकनीकी निगरानी और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सहयोग से उसे मुंबई से दबोचा गया। ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाने के बाद उसे अदालत के समक्ष पेश किया गया, और अब पुलिस इस पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क, सहयोगियों तथा अन्य पीड़ितों की तलाश में जुटी हुई है।
