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सुपरसोनिक रफ्तार से नीचे आने के बाद भी कैसे सुरक्षित रहा फ्लाईदुबाई का विमान, जानिए क्या है इसकी वजह

सुपरसोनिक रफ्तार से नीचे आने के बाद भी कैसे सुरक्षित रहा फ्लाईदुबाई का विमान, जानिए क्या है इसकी वजह

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबाई की एक फ्लाइट के दौरान कॉकपिट में गंभीर घटना घटी, जिसमें विमान लगभग 34 हजार फीट की ऊंचाई से बेहद कम समय में भारी गिरावट के साथ नीचे आ गया। इस दौरान विमान की नीचे आने की गति बहुत अधिक थी, जो कि सुपरसोनिक गति के बेहद करीब पहुंच गई थी। हालांकि इतनी कठिन परिस्थिति और अत्यधिक वायुमंडलीय दबाव के बावजूद विमान का ढांचा सुरक्षित रहा और इसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया।

सुपरसोनिक रफ्तार से नीचे आने के बाद भी कैसे सुरक्षित रहा फ्लाईदुबाई का विमान, जानिए क्या है इसकी वजह

कॉकपिट में हुआ संघर्ष और विमान की तीव्र गिरावट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उड़ान के दौरान कॉकपिट के भीतर ओमान के एक को-पायलट ने भारतीय मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार पर आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस अचानक हुए संघर्ष के कारण बोइंग 737 MAX विमान ने अपना नियंत्रण खो दिया और महज एक मिनट से कुछ अधिक समय में वह सीधे 17 हजार फीट की ऊंचाई पर आ गया। रडार आंकड़ों और वैश्विक पायलटों के विश्लेषण के अनुसार, विमान के नीचे गिरने की यह दर लगभग 30 हजार फीट प्रति मिनट तक पहुंच गई थी। सामान्य परिस्थितियों में इस तरह के भारी वायुमंडलीय दबाव और तेज गति के कारण कोई भी कमर्शियल पैसेंजर जेट हवा में ही बिखर सकता है।

अदम्य साहस और विमान की मजबूती

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने असाधारण साहस का परिचय दिया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर केबिन क्रू को अंदर आने का मौका दिया, जिससे हमलावर को काबू में किया गया। इस घटना के बाद विशेषज्ञों और अनुभवी पायलटों ने विमान के सुरक्षित उतरने को एक चमत्कार करार दिया है। जानकारों के अनुसार, बोइंग 737 MAX का एयरफ्रेम आधुनिक कार्बन कंपोजिट और विशेष एल्युमीनियम अलॉय से तैयार किया गया है, जो इसकी असाधारण मजबूती को साबित करता है।

विमान की मुख्य विशेषताएं

बोइंग 737 मैक्स विमान अपनी बेहतर एरोडायनामिक्स, उन्नत तकनीक और मजबूती के लिए जाना जाता है। इसका ढांचा विशेष एल्यूमीनियम मिश्र धातुओं और उन्नत कंपोजिट मटेरियल से बना है, जो इसे कठिन उड़ान स्थितियों और अत्यधिक दबाव में भी मजबूती प्रदान करता है। हालांकि यह एक कमर्शियल सबसोनिक यात्री विमान है, लेकिन इस खतरनाक घटना के दौरान इसके ढांचे ने भारी दबाव को सहन करते हुए विमान में सवार 180 लोगों की जान बचाई।