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वोटर लिस्ट में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने रखी पांच प्रमुख मांगें

वोटर लिस्ट में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने रखी पांच प्रमुख मांगें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन और रजिस्ट्रेशन नियमों में बदलाव कर चुनावी निष्पक्षता से समझौता करने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और सरकार के खिलाफ अपने अभियान को तेज करने की बात कही है।

वोटर लिस्ट में बदलावों को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने रखी पांच प्रमुख मांगें

वोटर लिस्ट और फॉर्म 6 में बदलाव पर सवाल

पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं और नए वोटरों के पंजीकरण से जुड़े फॉर्म 6 के नियमों में ऐसे बदलाव किए गए हैं जिससे युवा मतदाता अपने मतदान अधिकार से वंचित हो सकते हैं। नेताओं ने इस बात पर भी चिंता जताई कि एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों में पारदर्शिता का अभाव रहा है और आंतरिक पोर्टल संबंधी मामलों पर सवाल उठाए गए हैं।

कांग्रेस पार्टी की पांच मुख्य मांगें

इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस ने चुनाव आयोग और सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं:

  • वोटर लिस्ट में किए गए सभी बड़े बदलावों का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए।
  • जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी पूरी जानकारी दी जाए और अपील करने का उचित अवसर मिले।
  • सभी राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और उससे जुड़ा आवश्यक डेटा एक आसान फॉर्मेट में समय पर उपलब्ध कराया जाए।
  • सामने आई गंभीर गड़बड़ियों की एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्वतंत्र जांच कराई जाए।
  • चुनाव से जुड़े सभी आंकड़े और फैसले पूरी तरह पारदर्शी होने चाहिए ताकि नागरिकों का वोट सुरक्षित होने का भरोसा बना रहे।

संस्थानों की मजबूती पर जोर

कांग्रेस का कहना है कि देश के चुनाव आयोग को इतना मजबूत और निष्पक्ष होना चाहिए कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का उस पर पूरा भरोसा कायम रहे। पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।