परीक्षा सुधारों को लेकर नंदन नीलेकणि पैनल ने पूर्व इसरो प्रमुख राधाकृष्णन से की चर्चा
परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से नंदन नीलेकणि के नेतृत्व वाले पैनल ने पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन के साथ अहम चर्चा की है। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में परीक्षा प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और मजबूत बनाना है ताकि भविष्य की चुनौतियों से बेहतर ढंग से निपटा जा सके।

नीलेकणि पैनल और के. राधाकृष्णन के बीच विचार-विमर्श
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पूर्व चेयरमैन नंदन नीलेकणि की अगुवाई में गठित टास्क फोर्स लगातार विभिन्न विशेषज्ञों और हितधारकों से संवाद कर रही है। इसी कड़ी में, उन्होंने इसरो के पूर्व अध्यक्ष और नीट पेपर लीक के बाद गठित समिति के प्रमुख रहे के. राधाकृष्णन से विचार-मशविरा किया। राधाकृष्णन के पास परीक्षा तंत्र से जुड़े सुधारों और समितियों का लंबा अनुभव है, जिसका लाभ इस नई प्रक्रिया को मिल रहा है।
विभिन्न पक्षों से मांगे जा रहे हैं सुझाव
यह टास्क फोर्स परीक्षा संचालन को त्रुटिहीन बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। पैनल द्वारा छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों, विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं से भी सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इन सभी सुझावों और अनुभवों के आधार पर परीक्षा तंत्र को पूरी तरह से दुरुस्त करने की योजना तैयार की जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
पारदर्शी और मजबूत परीक्षा प्रणाली पर जोर
गठित पैनल का मुख्य फोकस राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में सुधार लाना है। परीक्षा प्रक्रियाओं की गहराई से समीक्षा करके प्रणाली को भरोसेमंद और भविष्य के अनुकूल बनाने के लिए लगातार सिफारिशें तैयार की जा रही हैं।
