जानकीचट्टी में कूड़े के ढेर से बढ़ी परेशानी, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी
यमुनोत्री धाम यात्रा के मुख्य पड़ाव जानकीचट्टी के मुहाने पर खुले में जमा कचरे का ढेर स्थानीय निवासियों और देश-विदेश से आ रहे श्रद्धालुओं के लिए गंभीर समस्या बन गया है। कचरे का समय पर निस्तारण न होने के कारण तेज धूप में यह सड़ने लगा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में लगातार दुर्गंध फैल रही है।

स्वच्छता व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
जानकीचट्टी वह महत्वपूर्ण पड़ाव है जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यमुनोत्री की ओर आवाजाही करते हैं। ऐसे प्रमुख मार्ग पर कचरे का अंबार लगा होना इस क्षेत्र की साफ-सफाई व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ ही सड़न और दुर्गंध और अधिक बढ़ जाती है, जिससे वहां रहना और यात्रा करना कठिन हो रहा है। खुले में पड़े इस कचरे से पर्यावरण और स्थानीय वातावरण पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका है।
प्रशासन को सौंपा जा चुका है ज्ञापन
क्षेत्र के लोगों ने इस समस्या को लेकर पहले भी आवाज उठाई है और जिलाधिकारी को एक लिखित ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन के माध्यम से जानकीचट्टी में लंबे समय से जमा कचरे को तुरंत हटाने की गुहार लगाई गई थी। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन के संज्ञान में मामला आने के बावजूद अभी तक कचरे का उचित निस्तारण नहीं किया गया है।

स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें
- जानकीचट्टी में जमा कूड़े के ढेर को तुरंत हटाया जाए।
- पूरे क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
- कचरे के नियमित उठान के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
ग्रामीणों और व्यापारियों का मानना है कि यात्रा सीजन के दौरान ऐसे महत्वपूर्ण स्थानों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस विषय पर त्वरित कार्रवाई करेगा ताकि यमुनोत्री आने वाले यात्रियों को स्वच्छ और सुगम वातावरण मिल सके।
