मन की बात: आतंकवाद, स्वच्छता और जनगणना पर प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 138वें एपिसोड के दौरान देश और समाज से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विचार साझा किए। अपने संबोधन में उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख और पूर्व की सैन्य कार्रवाइयों का विशेष रूप से उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने स्वच्छता अभियानों, डिजिटल जनगणना और नशा मुक्त युवा अभियान जैसे विषयों पर भी जनता से संवाद किया।

आतंकवाद और कड़ा रुख
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को याद करते हुए कहा कि भारत ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि देश विरोधी गतिविधियों और आतंकवादी हमलों का मुंहतोड़ और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। उन्होंने पिछले वर्षों में हुई विभिन्न कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए बताया कि राष्ट्र अब आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त न करने की नीति पर काम कर रहा है।
डिजिटल जनगणना की प्रगति
जनगणना के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने साझा किया कि इसका पहला चरण ज्यादातर राज्यों में पूरा हो चुका है और 32 करोड़ से अधिक परिवारों का विवरण दर्ज किया जा चुका है। लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि नागरिक मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद भी सुरक्षित तरीके से दर्ज करा सकते हैं।
स्वच्छता और सामाजिक पहल
महात्मा गांधी की जयंती के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में नदियां साफ करने से लेकर आंध्र प्रदेश में पुरानी बावड़ियों के जीर्णोद्धार तक, लोग बढ़-चढ़कर श्रमदान कर रहे हैं। इसके अलावा, देश को नशा मुक्त बनाने के लिए शुरू किए गए सौ सप्ताह के विशेष अभियान में भी युवाओं की सक्रिय भागीदारी की उन्होंने प्रशंसा की।
