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कुकरेड़ा सिंचाई योजना की जांच पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की स्वतंत्र तकनीकी सत्यापन की मांग

कुकरेड़ा सिंचाई योजना की जांच पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की स्वतंत्र तकनीकी सत्यापन की मांग

उत्तरकाशी जिले के मोरी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुकरेड़ा के खूनीगाड़ में सिंचाई योजना को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गई शिकायत अब जांच प्रक्रिया की वजह से चर्चा में है। स्थानीय ग्रामीणों ने जांच में लीपापोती किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए इस पूरी परियोजना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा लागत, निर्माण कार्यों और सुरक्षा दीवारों से जुड़े अभिलेखों पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।

कुकरेड़ा सिंचाई योजना की जांच पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की स्वतंत्र तकनीकी सत्यापन की मांग

अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

शिकायत के सिलसिले में बीते दिनों अधीक्षण अभियंता वृत्त पौड़ी, सहायक अभियंता उपखंड नौगांव और कनिष्ठ अभियंता नौगांव मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान मुख्य हेड, लगभग 900 मीटर गूल की रिपेयरिंग और दो चैंबरों के निर्माण से जुड़े कार्यों की जांच की जानी थी। हालांकि, मौके पर मौजूद ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया और योजना की वास्तविक लागत तथा धरातल पर हुए निर्माण कार्यों को लेकर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।

एक ही कार्य के लिए अलग-अलग वर्षों में खर्च का मामला

ग्रामीणों के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस योजना के वास्ते वर्ष 2023-24 में 9.71 लाख रुपये और वर्ष 2024-25 में 4.20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों की मांग है कि दोनों वित्तीय वर्षों के भुगतानों और स्वीकृतियों के दस्तावेजों का मिलान किया जाए ताकि यह स्थिति साफ हो सके कि किस आधार पर और किस मद में यह धनराशि खर्च की गई है।

कुकरेड़ा सिंचाई योजना की जांच पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की स्वतंत्र तकनीकी सत्यापन की मांग

स्वतंत्र तकनीकी टीम से जांच की मांग

मामले को लेकर ग्रामीणों ने पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि पूर्व में निरीक्षण कर चुके अधिकारियों के स्थान पर एक स्वतंत्र तकनीकी टीम का गठन किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्वीकृत धनराशि और मौके पर हुए निर्माण का सही से माप और सत्यापन कराया जाए, तो पूरी स्थिति सामने आ सकेगी। इस दौरान मौके पर कई स्थानीय ग्रामीण व आंदोलनकारी भी मौजूद रहे।