चलती ट्रेन में हुआ बच्चे का जन्म, रेलवे कर्मचारियों और डॉक्टरों की त्वरित मदद से सुरक्षित रहे जच्चा-बच्चा
राजस्थान के कोटा और सवाई माधोपुर के बीच सफर के दौरान एक चलती ट्रेन में महिला ने बेटे को जन्म दिया है। रेलवे अधिकारियों और चिकित्सा टीम के तालमेल से यह सुरक्षित प्रसव संभव हो सका, जिससे समय रहते जच्चा और बच्चा दोनों को मदद मिल गई।

कैसे मिली मदद?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 वर्षीय महिला शारदा मन्नारगुड़ी-जोधपुर एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 22674) के सामान्य डिब्बे में अपने पति और परिवार की महिलाओं के साथ जोधपुर की यात्रा कर रही थी। कोटा स्टेशन से ट्रेन छूटने के बाद महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति को भांपते हुए एक अन्य यात्री ने तुरंत ‘रेल मदद’ ऐप के जरिए कोटा कमर्शियल कंट्रोल रूम को इस आपात स्थिति की सूचना दी।
सवाई माधोपुर स्टेशन पर पहुंची मेडिकल टीम
कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर सवाई माधोपुर स्टेशन के प्रबंधन ने बिना किसी देरी के रेलवे अस्पताल की मेडिकल टीम को सूचित किया। जब ट्रेन सुबह सवाई माधोपुर स्टेशन पर रुकी, तो रेलवे के डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी तुरंत संबंधित कोच में पहुंच गए। मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर जच्चा और बच्चे की जांच की, जो पूरी तरह स्वस्थ पाए गए।

यात्रा जारी रखने का फैसला
चिकित्सकों ने महिला को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी, लेकिन शारदा ने अपने परिवार के साथ आगे की यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई। रेलवे नियंत्रण कक्ष, स्टेशन प्रबंधन और चिकित्सा दल के आपसी सहयोग से इस आपात स्थिति को बेहतरीन तरीके से संभाल लिया गया।
